#1
लड़का: काम कैसा चल रहा है आजकल?
लड़की: काम कम है, बैठे-बैठे कुर्सी तोड़ रही हूँ यार।
लड़का: आ जाओ, पलंग तोड़ते हैं
#2
सारी शिकायत एक पल में दूर हो जाती है, जब वो कहती है...
मुझको आदत है नखरे दिखाने की, आप तो बस चढ़ जाया करो।
#3
लड़का: काम कैसा चल रहा है आजकल?
लड़की: काम कम है, बैठे-बैठे कुर्सी तोड़ रही हूँ यार।
लड़का: आ जाओ, पलंग तोड़ते हैं
#2
सारी शिकायत एक पल में दूर हो जाती है, जब वो कहती है...
मुझको आदत है नखरे दिखाने की, आप तो बस चढ़ जाया करो।
#3
| ये पढ़ाई-लिखाई, नौकरी-चाकरी, घर-बार, पता नही किस भोसडी वाले का आईडिया था। आराम से गुफ़ाओं में रहते, कन्द मुल खाते, चूत मारते, बच्चे पैदा करते और सुकून से मर जाते। #4
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